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VOL. 2, ISSUE 2 (2017)
रूद्र प्रयाग की संस्कृति, त्योहार और पर्यटन का तार्किक अध्ययन
Authors
कुलदीप आजाद नेगी, प्रो. धीरेन्द्र पाठक
Abstract
हिमालय के ऊँचे शिखर, नदियां, झरने, सर्पाकार सड़कें, घने चीड़ और देवदार के जंगल, फूलों की घाटी, मनलुभावन झीलों के किनारे और हर पहाड़ पर पवित्र मंदिर है। उत्तराखंड को कई धार्मिक स्थानों और पूजन स्थलों के कारण को ‘देव भूमि’ या ‘भगवान की भूमि’ भी कहा जाता है। इसे भक्ति और तीर्थयात्रा के लिए सबसे पवित्र और अनुकूल स्थान माना जाता है। उत्तराखंड में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, चाहे वो प्रकृति, वन्यजीवन, सहासिक पयर्टन या तीर्थ स्थल कुछ भी क्यों ना हो। यहां के प्रमुख स्थानों में हरिद्वार, ऋषिकेश, देहरादून, मसूरी, अल्मोड़ा, केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री, जिम काॅर्बेट नेशनल पार्क नैनीताल, रानीखेत पिथौरागढ और रुद्रप्रयाग़ हंै। यदि आपको सहासिक पयर्टन पसंद है और कुछ कठिन चुनौतियां लेना चाहते हैं तो आप ऊँचे या छोटे पहाडी अभियानों की ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, पैरा ग्लाइडिंग, हेंग ग्लाइडिंग, पर्वतारोहण, स्कीइंग या दूसरी कई गतिविधियां कर सकते हैं।
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Pages:211-213
How to cite this article:
कुलदीप आजाद नेगी, प्रो. धीरेन्द्र पाठक "रूद्र प्रयाग की संस्कृति, त्योहार और पर्यटन का तार्किक अध्ययन". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 2, Issue 2, 2017, Pages 211-213
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