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VOL. 2, ISSUE 2 (2017)
मानवाधिकार में महिला सशक्तिकारण का महत्वांकन
Authors
भूमिका प्रसाद, पवन कुमार
Abstract
मानवाधिकार वह आधारभूत अधिकार है जा विश्व के किसी भी भाग में निवास करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मानव होने के कारण मिलने चाहिये। ये अधिकारी हमारी मानवीय सद्भावना पर आधारित होते हैं। मानवाधिकार का प्रश्न कई कारणों से एक प्राचीन तर्क का विषय रहा है। मानवाधिकारों की अवधारणा का एक लम्बा इतिहास रहा है। इस मान्यता से इसकी आधुनिक अवधारणा, ऐतिहासिक आधार और आदर्शों के निरीक्षण में सहायता मिलती है। मानवाधिकारों को समझने के लिये यह समझना जरूरी है कि यह स्थिर वस्तुएँ, सम्पत्ति या कुछ वस्तुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवाधिकार का एक व्यापक व्यावहारिक सामाजिक आधार है और इसमें व्यक्ति, राज्य और समाज सम्मिलित है। नागरिक और सामाजिक सत्ता या नागरिक और समाज के बीच सम्बन्धों पर ध्यान देने का विचार अपेक्षाकृत नवीन है।
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Pages:256-261
How to cite this article:
भूमिका प्रसाद, पवन कुमार "मानवाधिकार में महिला सशक्तिकारण का महत्वांकन". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 2, Issue 2, 2017, Pages 256-261
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