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VOL. 3, ISSUE 1 (2018)
"काष्ठ कला उद्योग में दस्तकारों की आर्थिक स्थिति का एक अध्ययन" : जनपद सहारनपुर (पश्चिमी उ0प्र0) के सन्दर्भ में
Authors
डाॅ0 शनव्वर
Abstract
सहारनपुर का काष्ठ कला उद्योग लकड़ी की निकासी के लि देश ओर विदेशो में अपनी पहिचान बनाए हुए है। यह उद्योग कुटीर उद्योग पर आधारित हैं। काष्ठ कला उद्योग में कार्यशील दस्तकारो के द्वारा लकड़ी पर अपनी हुनरबाजी के माध्यम से 500-600 करोड़ का वार्षिक कारोबार करते हैं परन्तु वुडकार्विग उद्योग से जुड़े निर्यातको की माने तो बिजली एवं कच्चे माल की आपुर्ति में कमी के कारण समय पर काष्ठ कला से जुड़ी निर्मित वस्तुओं की मांग को पूरा न करने के कारण निर्यात घटने लगा हैं। दस्तकार एवं उनके परिवार रोजी-रोटी के संकट को दुर करने के लिए जयपुर, जोधपुर, हैदराबाद, होशियारपुर एवं दक्षिणी भारत के शहरो की ओर पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। सरकार को यदि इस उद्योग में लगे दस्तकारो के रोजगार को सुरक्षित रहना है तो आर्थिक पैकेज के साथ-साथ बिजली, स्वास्थ सेवा एवं कच्चे माल की आपुर्ति पर ध्यान देने की आवश्यकता हैं तथा साथ ही साथ काष्ठ कला उद्योग को जी0एस0टी0 से बाहर रखना होगा।
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Pages:712-716
How to cite this article:
डाॅ0 शनव्वर ""काष्ठ कला उद्योग में दस्तकारों की आर्थिक स्थिति का एक अध्ययन" : जनपद सहारनपुर (पश्चिमी उ0प्र0) के सन्दर्भ में". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 3, Issue 1, 2018, Pages 712-716
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