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VOL. 3, ISSUE 1 (2018)
भारतीय राजनीति में क्षेत्रीय अस्मिता का प्रश्न
Authors
जितेन्द्र कुमार
Abstract
देश में असमान विकास की प्रक्रिया के कारण एवं क्षेत्रीय विविधता के कारण क्षेत्रीय समस्याएं उत्पन्न हुई इन समस्याओं को समझने में एक केंद्रीकृत सत्ता विफल रही। अतः इसने क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को जन्म दिया। क्षेत्रीय राजनीतिक दल क्षेत्रीय समस्याओं से अवगत होते हैं अतः सक्षम तरीके से इनका समाधान कर सकते हैं, यह क्षेत्रीय समस्या ही है जो कि ऐसे दलों का अस्तित्व का आधार है। भारतीय राजनीति में राष्ट्रीय नेताओं की कमी के कारण भी क्षेत्रीय नेतृत्व का महत्व बढ़ा है, ऐसे में क्षेत्रवाद का राजनीतिक प्रयोग होता रहा है। चूँकि इस समस्या का मुख्य आधार क्षेत्रीय असमानता है अतः देश का समान विकास ही इसका समाधान भी है। क्षेत्रीय सहिष्णुता एवं सत्ता का विकेंद्रीकरण भी इस समस्या को कम कर सकता है। राष्ट्रवाद की भावना के आधार पर भी देश का एकीकरण क्षेत्रवाद को कमजोर कर सकता है।
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Pages:849-851
How to cite this article:
जितेन्द्र कुमार "भारतीय राजनीति में क्षेत्रीय अस्मिता का प्रश्न". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 3, Issue 1, 2018, Pages 849-851
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