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VOL. 3, ISSUE 1 (2018)
भारत में औद्योगिक श्रम एवं उनकी प्रकृति का समाजशास्त्रीय अध्ययन
Authors
डाॅ0 राजेश कुमार
Abstract
भारतीय श्रमिकों की प्रमुख विशेषता यह है कि शहर में काम करने वाले श्रमिक अधिकतर गांव से आते है। भूमि पर जनसंख्या का बढता हुआ भार, ग्रामीण उद्योगों का पतन, अनार्थिक कृषि, महाजनों द्वारा शोषण संयुक्त परिवार से विवश होकर गांव के लोग अपनी आजीविका की खोज में औद्योगिक नगरों में आते है। भारतीय श्रमिकों की प्रमुख विशेषतायें जैसे प्रवासी प्रकृति, एकता का अभाव, अनियमित उपस्थित, अज्ञानता व अशिक्षा, भाग्यवादिता, गरीबी ताकि रहन-सहन का स्तर, भारतीय श्रमिकों की पूर्ति उद्योगों की आवश्यकतानुसार न होना, सामाजिक व धार्मिक दृष्टिकोण, दोषपूर्ण श्रम संघवाद, कार्यक्षमता का निम्न स्तर, न्यून गतिशीलता आदि। विगत वर्षो में भारतीय श्रमिकों की विशेषताओं में परिवर्तन आया है। परिवर्तन की मुख्य दिशाऐं निम्नलिखित है- प्रवासी प्रवृति में कमी, साक्षरता में वृद्धि, व्यक्तित्व का विकास, उद्योग के साथ प्रतिबद्धता, सामाजिक संरचना में परिवर्तन, जागरूकता आदि।
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Pages:1220-1223
How to cite this article:
डाॅ0 राजेश कुमार "भारत में औद्योगिक श्रम एवं उनकी प्रकृति का समाजशास्त्रीय अध्ययन". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 3, Issue 1, 2018, Pages 1220-1223
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