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VOL. 4, ISSUE 4 (2019)
सामाजिक अंकेक्षणः एक अवलोकन
Authors
सरोज कुमार
Abstract
व्यवसाय के अंकेक्षण की विधि बहुत पुरानी है। पर व्यवसाय का यह आर्थिक अंकेक्षण उसके वित्तीय पक्ष की कमजोरियों को प्रस्तुत करता है। आज व्यवसाय को समाज के प्रति उसके योगदान की दृश्टि से भी देखने की इच्छा, समाज रखता है। व्यवसाय का समाज के प्रति योगदान धनात्मक है या ऋणात्मक - यह जानना आवष्यक है। इस हेतु जो अंकेक्षण की विधि विकसित की गई है - वही सामाजिक अंकेक्षण कहलाती है। संक्षेप में, व्यवसाय के योगदान को आर्थिक औ वित्तीय दृश्टियों से तो परखा ही जाना चाहिए, साथ ही उसका सामाजिक मूल्यांकन भी आवष्यक है। जहाँ अंकेक्षण लेखा-पुस्तकों में व्याप्त दोशों को प्रकट करता है वहीं सामाजिक अंकेक्षण व्यवसाय के समाज पर पड़ने वाले प्रभावों को दर्षाता है।
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Pages:21-23
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सरोज कुमार "सामाजिक अंकेक्षणः एक अवलोकन". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 4, Issue 4, 2019, Pages 21-23
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