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VOL. 5, ISSUE 3 (2020)
भारतीय राष्ट्रवाद की विविध अवधारणाएँ : एक अध्ययन
Authors
Dr. Kan Raj Pooniya
Abstract
यह शोध-पत्र भारतीय राष्ट्रवाद की विविध अवधारणाओं का व्यापक और विश्लेषणात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है, जिसमें यह समझने का प्रयास किया गया है कि भारत में राष्ट्रवाद का विकास एक बहुआयामी, गतिशील और ऐतिहासिक प्रक्रिया के रूप में कैसे हुआ। भारतीय राष्ट्रवाद को केवल एक राजनीतिक आंदोलन के रूप में नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक और वैचारिक आयामों से युक्त एक समन्वित विचारधारा के रूप में देखा गया है। इस अध्ययन में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, जो परंपराओं, भाषा और सांस्कृतिक विरासत पर आधारित है; राजनीतिक राष्ट्रवाद, जो स्वतंत्रता आंदोलन और औपनिवेशिक शासन के विरोध से प्रेरित है; उदारवादी राष्ट्रवाद, जो संवैधानिक सुधारों और शांतिपूर्ण परिवर्तन की वकालत करता है; उग्र राष्ट्रवाद, जो प्रतिरोध और संघर्ष को आवश्यक मानता है; तथा समाजवादी राष्ट्रवाद, जो आर्थिक समानता और सामाजिक न्याय को राष्ट्र निर्माण का आधार मानता है—इन सभी दृष्टिकोणों का विश्लेषण किया गया है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि विभिन्न विचारकों, आंदोलनों और ऐतिहासिक परिस्थितियों ने इन अवधारणाओं को किस प्रकार प्रभावित और विकसित किया। यह शोध इस तथ्य को रेखांकित करता है कि भारतीय राष्ट्रवाद एकरूप नहीं है, बल्कि यह विविध विचारधाराओं के समन्वय से निर्मित एक व्यापक और समावेशी अवधारणा है, जिसने भारत को एक संगठित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है तथा आज भी बदलते वैश्विक और राष्ट्रीय परिदृश्य में अपनी प्रासंगिकता बनाए हुए है।
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Pages:27-32
How to cite this article:
Dr. Kan Raj Pooniya "भारतीय राष्ट्रवाद की विविध अवधारणाएँ : एक अध्ययन ". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 5, Issue 3, 2020, Pages 27-32
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