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VOL. 6, ISSUE 2 (2021)
परिवहन एवं संचार का ग्रामीण विकास पर प्रभाव: बलरामपुर जनपद (उ.प्र.) के तुलसीपुर विकासखंड का एक समाजशास्त्रीय अध्ययन
Authors
देव नारायण पांडेय, डॉ मीनू मिश्रा
Abstract
परिवहन को आर्थिक विकास की रीढ़ की हड्डी कहा जाता है। कृषि कार्य हेतु उन्नतशील बीज, उर्वरक, कीटनाशक रसायन आदि प्रमुख आवश्यक तत्व हैं जो परिवहन साधनों के विकास से ही समय पर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। कृषि उत्पाद और डेयरी उद्योग के व्यापार एवं विपणन के लिए परिवहन के उत्तम साधनों का विकास होना अति आवश्यक है। संचार के साधनों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना के आदान-प्रदान, शिक्षा तथा विभिन्न कार्यक्रमों की की जानकारी में वृद्धि हुई है परिणाम स्वरूप गांव के सामाजिक, सांस्कृतिक व आर्थिक विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। ग्रामीण विकास के सभी कार्यक्रमों को सफल बनाने हेतु कृषकों को जागरूक करना, विभिन्न सुविधाओं से परिचित कराना तथा उन्हें विकास की प्रक्रिया में सहभागी बनाने के लिए प्रभावी संचार व्यवस्था का होना अति आवश्यक है। संचार साधनों में डाकघर, रेडियो, टेलीविजन, मोबाइल, इंटरनेट, दूरभाष, किसान मेला प्रदर्शनी आदि प्रभावी माध्यम है।
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Pages:28-31
How to cite this article:
देव नारायण पांडेय, डॉ मीनू मिश्रा "परिवहन एवं संचार का ग्रामीण विकास पर प्रभाव: बलरामपुर जनपद (उ.प्र.) के तुलसीपुर विकासखंड का एक समाजशास्त्रीय अध्ययन ". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 6, Issue 2, 2021, Pages 28-31
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