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VOL. 6, ISSUE 4 (2021)
चित्तौड़गढ़ जिलें में स्थित बेदला ठिकाने का भौगोलिक वर्णन
Authors
नरेन्द्र सिंह राणावत
Abstract
बेदला, पूर्व मेवाड़ राज्य के ठिकानों में एक प्रमुख उपनगरीय बस्ती है, जो उदयपुर से 6 किमी उत्तर में आहड़ नदी के किनारे स्थित है। यहाँ के राजपूत चौहान सरदारों को ’’राव’’ की पदवी प्राप्त है और वे पृथ्वीराज चौहान के वंशज हैं। उनके पूर्वज मेवाड़ के महाराणाओं की युद्धों में सेवा करते रहे, जिससे उन्हें विशेष सम्मान प्राप्त हुआ। बेदला की भू-संपदा चित्तौड़गढ़ और उदयपुर जिलों में फैली थी। चित्तौड़गढ़ जिले की बेदला भू-संपदा में 111 गाँव शामिल थे, जो विभिन्न परगनों में स्थित थे। इस क्षेत्र में तीन प्रमुख पहाड़ हैंः रामगढ़, काबरा, और बड़ा मगरा। रामगढ़ पहाड़ पर एक किला भी स्थित है, जिससे गंगरार को रामगढ़-गंगरार भी कहा जाता है। स्वतंत्रता के पश्चात् जंगलों की कटाई के कारण ये पहाड़ वीरान हो गए। खेती-बाड़ी के लिए काली, पीली, और धामणी भूमि उपलब्ध थी, जिस पर विभिन्न फसलें उगाई जाती थीं। बेदला भू-संपदा में बेड़च नदी प्रमुख है, जो चित्तौड़गढ़ दुर्ग के पास बहती है और बनास नदी में मिलती है। यहाँ गंगरार और कुरज भू-भाग में कुछ उल्लेखनीय तालाब भी हैं, जिनमें गंगरार का तालाब और बख्त सागर प्रमुख हैं।
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Pages:33-35
How to cite this article:
नरेन्द्र सिंह राणावत "चित्तौड़गढ़ जिलें में स्थित बेदला ठिकाने का भौगोलिक वर्णन". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 6, Issue 4, 2021, Pages 33-35
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