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VOL. 8, ISSUE 2 (2023)
उच्च शिक्षा के विकास में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति -२०२० की भूमिका
Authors
सुरेखा लक्कस
Abstract
शिक्षा मनुष्य का सर्वांगीण विकास है। शिक्षा एक बुनियादी मानवाधिकार है जो पुरुषों और महिलाओं को गरीबी से बाहर निकालने, असमानताओं को दूर करने और सतत विकास सुनिश्चित करने का काम करती है। पूर्ण मानव क्षमता प्राप्त करने, एक समतापूर्ण और निष्पक्ष समाज विकसित करने और राष्ट्रीय विकास को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा एक मौलिक अधिकार है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सार्वभौमिक पहुंच प्रदान करना आर्थिक विकास, सामाजिक न्याय और समानता, वैज्ञानिक उन्नति, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक संरक्षण के मामले में भारत की निरंतर उन्नति और वैश्विक मंच पर नेतृत्व की कुंजी है। सार्वभौमिक उच्च-गुणवत्ता वाली शिक्षा व्यक्ति, समाज, देश और दुनिया की भलाई के लिए हमारे देश की समृद्ध प्रतिभाओं और संसाधनों को विकसित करने और अधिकतम करने का सबसे अच्छा तरीका है। अगले दशक में भारत में युवाओं की आबादी दुनिया में सबसे अधिक होगी और उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले शैक्षिक अवसर प्रदान करने की हमारी क्षमता हमारे देश का भविष्य निर्धारित करेगी। इसलिए सतत विकास के लिए, हमें शिक्षा प्रणाली में नीचे से लेकर शीर्ष तक सुधार की आवश्यकता है। उच्च शिक्षा क्षेत्र में एनईपी द्वारा कई सुधार और नए विकास पेश किए गए हैं। यह लेख उच्च शिक्षा के विकास में नई एनईपी-2020 की भूमिका की रूपरेखा पर केंद्रित है
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Pages:142-145
How to cite this article:
सुरेखा लक्कस "उच्च शिक्षा के विकास में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति -२०२० की भूमिका". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 8, Issue 2, 2023, Pages 142-145
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