Logo
National Journal of
Multidisciplinary
Research and Development

Search

ARCHIVES
VOL. 9, ISSUE 1 (2024)
गुलज़ार की कहानियों में भारत विभाजन की त्रासदी
Authors
सुकांत सुमन
Abstract
विभाजन की घटना जिससे व्यापक फ़लक पर लोग प्रभावित हुए उसने स्वाभाविक तौर पर साहित्य-लेखन को भी प्रभावित किया। बहुतेरे लेखकों ने विभाजन की इस त्रासदी को प्रत्यक्ष रूप में भोगा है। फलतः उनकी कहानियों में मानवीय भावनाओं की तीव्र अनुभूति देखने को मिलती है। गुलज़ार एक ऐसे ही लेखक हैं जिनके लिए विभाजन, इतिहास की घटना होते हुए भी उनके अवचेतन में एक जीवित संदर्भ की तरह मौजूद है। उनकी कहानियाँ न सिर्फ विभाजन की त्रासदी को संजीदगी से महसूस कराती हैं बल्कि विभाजन की त्रासदी के कारणों की भी पड़ताल करती हैं। उनकी कहानियों में वह दर्द, टीस, विभाजन की विभीषिका, वह खौफनाक मंजर पूरी संजीदगी से मौजूद है। उनकी कहानियाँ न सिर्फ भावनात्मक स्तर पर गहरी संवेदना लिए हुए है बल्कि विभाजन के विभिन्न राजनैतिक और सामाजिक पहलुओं को भी समेटे हुए है।
Download
Pages:24-26
How to cite this article:
सुकांत सुमन "गुलज़ार की कहानियों में भारत विभाजन की त्रासदी". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 9, Issue 1, 2024, Pages 24-26
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.