ARCHIVES
VOL. 9, ISSUE 2 (2024)
रोगोपचार में योग की उपयोगिता
Authors
ललित मोहन, अखिलेश कुमार सिंह
Abstract
जिस प्रकार आज नए-नए आविष्कार हुए हैं। आज मानव को अनेक नई-नई सुख-सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हुई है। उसी प्रकार सुख-सुविधाओं के चलते शारीरिक श्रम का आभाव हुआ है, इसके चलते मानव शरीर को अनेकानेक रोगों (जैसे हाई बी.पी., शुगर, अस्थमा, दमा, मोटापा, माइग्रेन, सिर दर्द, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, बैक पेन आदि) ने घेर लिया है। जिससे मानव जीवन बड़ा ही दुष्कर और कठिन हो गया। उन सभी का निजात अगर संभव है तो वह है योग में, योग केवल शारीरिक क्रिया ही नहीं अपितु यह सर्वांगीण विकास की क्रिया है जो न केवल शरीर पर, अपितु मन-बुद्धि और अंतरात्मा को शुद्ध करती है। मानव जीवन में योग की उपयोगिता इस बात से समझी जा सकती है कि योग एक सुखी जीवन जीने की कला है। वही शरीर के संबंध में, यह सिर्फ शरीर को ऊर्जान्वित ही नहीं करता अपितु मानव के शरीर में संपूर्ण रोग निवारण के साथ-साथ, आत्मविष्वास का भी संचार करता है। नियमित योग करने से सदाचार को अकूत बल मिलता है।
Download
Pages:9-10
How to cite this article:
ललित मोहन, अखिलेश कुमार सिंह "रोगोपचार में योग की उपयोगिता". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 9, Issue 2, 2024, Pages 9-10
Download Author Certificate
Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.
