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VOL. 9, ISSUE 2 (2024)
बहुराष्ट्रीय निगमः चुनौतियाँ एवं समाधान
Authors
आसुराम डऊकिया
Abstract
भारतीय अर्थव्यवस्था में बहुराष्ट्रीय निगमों का प्रवेश गम्भीर विवाद का विषय बन गया है। भारतीय अर्थव्यवस्था में बहुराष्ट्रीय निगम लम्बें समय से कार्यरत है। 1991 के पूर्वतः बहुराष्ट्रीय निगम कुछ शर्तों के अधीन कार्य कर रहे थे। उस समय उन्हें अंश पूँजी में प्रमुख भाग की अनुमति प्रदान की गई। नई नीति से बहुराष्ट्रीय निगमों को कुछ क्षेत्रों में 51 प्रतिशत से भी अधिक पूँजी निवेश की अनुमति प्रदान की गई। नई नीति के अनुसार यदि किसी बहुराष्ट्रीय निगम का सम्पूर्ण उत्पादन निर्यात के लिए हो तो उसे शत् प्रतिशत पूँजी निवेश की अनुमति दी जा सकती है। भारतीय अर्थव्यवस्था पर विश्वव्यापीकरण की नीतियों का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। अर्थव्यवस्था को जीवन्त बनाने और उद्योगों को संरक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से विश्वव्यापीकरण के सार्थक प्रयास निर्विवाद रूप से सफल रहे हैं। किन्तु बहुराष्ट्रीय कम्पनियों को अत्यधिक मनमानी करने का मौका नहीं दिया जाना चाहिए जिससे देश की सार्वभौमिकता को खतरा उत्पन्न हो।
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Pages:57-59
How to cite this article:
आसुराम डऊकिया "बहुराष्ट्रीय निगमः चुनौतियाँ एवं समाधान". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 9, Issue 2, 2024, Pages 57-59
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