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VOL. 9, ISSUE 3 (2024)
डॉ0 लोहिया का भारतीय राजनीतिक चिन्तन पर प्रभाव
Authors
नईम अहमद सिद्दीकी, नीरज कुमार
Abstract
डॉ0 राममनोहर लोहिया आधुनिक भारतीय राजनीतिक चिंतक थे, जिन्होनें भारत के स्वाधीनता आन्दोलन और समाजवादी आन्दोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। गाँधीवादी विचारों को अपनाते हुए एशिया की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखकर समाजवाद की नवीन और नया कार्यक्रम प्रस्तुत किया। उनका चिंतन राजनीति तक ही सीमित नहीं रहा, व्यापक दृष्टिकोण, दूरदर्शिता उनकी चिंतन में मुख्य धारा की विशेषता थी। राजनीति के साथ-साथ संस्कृत, दर्शन, साहित्य, भाषा, इतिहास-आदि के विषय में भी उनके विचार मौलिक थे। उनकी विचारधार कभी देश-काल की सीमा में नहीं रही। विश्व रचना और विकास में उनकी अनोखी और अद्वितीय दृष्टि रही। विश्व नागरिकता का सपना देखते हुए मानव मात्र को किसी देश का नहीं बल्कि विश्व का नागरिक माना। विलक्षण प्रतिभा के धनी डॉ0 राममनोहर लोहिया बींसवी सदी के महान समाजवादी थे। उनकी जीवन पीड़िता, शोषित, दुखी जनता को समर्पित था और उनकी स्थिति में सुधार लाने के लिए जीवन भर प्रयत्नशील रहे। उनका मन भारत की गरीबी से विक्षुब्ध था किन्तु कभी भी स्वयं को उन्होनें भारत तक ही सीमित नहीं रखा। समस्त मानव जाति की गरीबी उनके विचार और दुरूख का कारण बनी। उनके सपनों में एक ऐसा विश्व था जिसमें गोरे-काले, गरीब-अमीर, स्त्री-पुरूष, ऊँच-नीच के बीच कोई भेद न हो। 1947 के बाद भारत मे समाजवादी आन्दोलन को बढ़ाने में योगदान दिया। गॉधीवादी समाजवाद के वे प्रखर प्रचारक थे। दिसम्बर, 1955 में डॉ0 लोहिया की अध्यक्षता में भारतीय समाजवादी दल का निर्माण भी हुआ।
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Pages:31-33
How to cite this article:
नईम अहमद सिद्दीकी, नीरज कुमार "डॉ0 लोहिया का भारतीय राजनीतिक चिन्तन पर प्रभाव". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 9, Issue 3, 2024, Pages 31-33
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