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VOL. 10, ISSUE 3 (2025)
मनरेगा से लाभ प्राप्त करने में हाशिए पर रहने वाले समुदायों के सामने आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण
Authors
बसंत कुमार, डॉ. अनुपम
Abstract
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) भारत में एक ऐतिहासिक योजना रही है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण आबादी को रोज़गार के अवसर और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। हालाँकि, अपने नेक इरादों के बावजूद, मनरेगा को हाशिए पर पड़े समुदायों तक प्रभावी ढंग से पहुँचने और उनकी ज़रूरतों को पूरा करने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। यह आलेख इनमें से कुछ चुनौतियों का विश्लेषण करता है, जैसे लक्षित आबादी में जागरूकता की कमी, लाभों तक पहुँचने में नौकरशाही की बाधाएँ, और जाति व लिंग के आधार पर भेदभाव। हाशिए पर पड़े समुदायों के सामने आने वाली प्रमुख बाधाओं में से एक मनरेगा और इसके प्रावधानों के बारे में जानकारी का अभाव है। निरक्षरता, भाषा संबंधी बाधाएँ और सूचना तक सीमित पहुँच उन्हें इस योजना के तहत अपने अधिकारों को समझने से रोकती है। परिणामस्वरूप, कई पात्र व्यक्ति अपने हक़ के अनुसार लाभ नहीं उठा पाते हैं। एक और बड़ी चुनौती नौकरशाही की लालफीताशाही है जो मनरेगा के सुचारू संचालन में बाधा डालती है। नौकरियों के लिए आवेदन करने या वेतन प्राप्त करने की प्रक्रिया में कई तरह की कागजी कार्रवाई शामिल होती है।
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Pages:70-73
How to cite this article:
बसंत कुमार, डॉ. अनुपम "मनरेगा से लाभ प्राप्त करने में हाशिए पर रहने वाले समुदायों के सामने आने वाली चुनौतियों का विश्लेषण". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 10, Issue 3, 2025, Pages 70-73
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