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VOL. 10, ISSUE 3 (2025)
”डॉ॰ सम्पूर्णानन्द जी के पाठ्यक्रम एवं शिक्षार्थी के सम्बन्ध में विचारों का अध्ययन तथा उसकी उपयोगिता“
Authors
अंशु, डॉ0 रविन्द्र कुमार त्यागी
Abstract
प्रस्तुत शोध में डॉ0 सम्पूर्णानन्द जी के पाठ्यक्रम एवं शिक्षार्थी से सम्बन्धित विचार तथा उसकी उपयोगिता को प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुत शोध का उद्देष्य डॉ0 सम्पूर्णानन्द जी के पाठ्यक्रम के सम्बन्ध में विचारों का अध्ययन एवं डॉ0 सम्पूर्णानन्द जी के षिक्षार्थी के सम्बन्ध में विचारों का अध्ययन करना है।
वर्तमान अध्ययन डॉ॰ सम्पूर्णानन्द जी के ग्रन्थों, लेखों तथा अन्य स्रोतों के आधार पर उनके पाठ्यक्रम एवं शिक्षार्थी के सम्बन्धित विचारों को सुव्यवस्थित किया गया। प्रस्तुत अध्ययन में ऐतिहासिक अनुसंधान विधि को चुना गया। प्रस्तुत अध्ययन में डॉ0 सम्पूर्णानन्द जी द्वारा रचित विभिन्न पुस्तकांे, लेखों, पत्रों तथा डॉ0 सम्पूर्णानन्द जी के बारे में विभिन्न विद्वानों एवं लेखकों द्वारा रचित पुस्तकांे, लेखों तथा अन्य अध्ययन सामग्री का प्रयोग किया गया।
पाठ्यक्रम का सम्बन्ध प्रत्येक विषय से होना चाहिए और वह किसी न किसी कौशल से जिसका वातावारण में एक महत्वपूर्ण स्थान है, सम्बन्धित है। पाठ्यक्रम पुस्तकीय ज्ञान पर आधारित नहीं होना चाहिए। पाठ्य पुस्तक या पुस्तिका अध्ययन का पाठ्यक्रम शासन के निर्देशन या सहमति के अनुसार होना चाहिए।
शिक्षार्थी को अपने गुणों पर शिक्षा का विशेष ध्यान होना चाहिए क्योंकि उन्ही गुणों के सदुपयोग से वह शिक्षा को आत्मसात् कर पाता है। डॉ0 सम्पूर्णानन्द जी ने कहा कि छात्रों की अपनी योग्यता के अनुसार शिक्षा ही नहीं उन्हें भावी जीवन के लिए भी तैयार किया जाना चाहिए।
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Pages:86-88
How to cite this article:
अंशु, डॉ0 रविन्द्र कुमार त्यागी "”डॉ॰ सम्पूर्णानन्द जी के पाठ्यक्रम एवं शिक्षार्थी के सम्बन्ध में विचारों का अध्ययन तथा उसकी उपयोगिता“". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 10, Issue 3, 2025, Pages 86-88
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