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VOL. 11, ISSUE 2 (2026)
पुस्तकालयों में आपदा जोखिम प्रबंधन की चुनौतियाँ: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन
Authors
अंकिता गुप्ता, डॉ. रितु सिंह
Abstract
आपदाएँ संपत्ति, मानव जीवन तथा सामाजिक सेवाओं की निरंतरता पर गंभीर प्रभाव डालती हैं एवं सांस्कृतिक एवं ज्ञान-संस्थानों के समक्ष जटिल चुनौतियाँ प्रस्तुत करती हैं, विशेषतः पुस्तकालयों के संदर्भ में, जो ज्ञान-संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत तथा संस्थागत स्मृति के प्रमुख संरक्षक हैं। प्राकृतिक एवं मानव-जनित आपदाओं की बढ़ती तीव्रता ने पुस्तकालयों में आपदा प्रबंधन नीति एवं संस्थागत ढाँचे के पुनर्मूल्यांकन की आवश्यकता को रेखांकित किया है। इस संदर्भ में पुस्तकालयों में आपदा जोखिम प्रबंधन (क्पेंजमत त्पेा डंदंहमउमदज) का प्रभावी कार्यान्वयन अत्यंत आवश्यक हो जाता है।
प्रस्तुत शोध-पत्र का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय एवं भारतीय स्तर पर उपलब्ध आपदा प्रबंधन नीतियों एवं दिशानिर्देशों का विश्लेषणात्मक अध्ययन करना है। अध्ययन में अंतरराष्ट्रीय संगठनों जैसे इफला, यूनेस्को, एएलए, तथा संयुक्त राष्ट्र आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यालय (न्छक्त्त्) के दिशा-निर्देशों का विश्लेषण किया गया है, साथ ही भारतीय परिप्रेक्ष्य में आपदा प्रबंधन नियम, 2005, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (छक्ड।), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन योजना (छक्डच्) एवं जिला आपदा प्रबंधन योजना (क्क्डच्) का मूल्यांकन किया गया है।
अध्ययन में पाया गया कि अंतरराष्ट्रीय नीतियाँ पुस्तकालय-विशिष्ट, संरचित एवं तकनीकी रूप से उन्नत हैं, जबकि भारतीय नीतिगत ढाँचा विधिक रूप से सुदृढ़ होते हुए भी पुस्तकालयों के लिए विशिष्ट दिशा-निर्देशों के अभाव से ग्रस्त है। यह शोध नीतिगत अंतरालों की पहचान करते हुए भारतीय पुस्तकालयों के लिए एक समेकित, संदर्भ-संवेदी एवं प्रत्यास्थ आपदा जोखिम प्रबंधन ढाँचे की आवश्यकता पर बल देता है।
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Pages:21-25
How to cite this article:
अंकिता गुप्ता, डॉ. रितु सिंह "पुस्तकालयों में आपदा जोखिम प्रबंधन की चुनौतियाँ: एक विश्लेषणात्मक अध्ययन". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 11, Issue 2, 2026, Pages 21-25
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