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VOL. 11, ISSUE 2 (2026)
डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर एवं स्त्री सशक्तीकरण
Authors
डा. सविता राय
Abstract
कोई भी व्यक्ति जो समाज एवं राष्ट्र के उत्थान के लिए समर्पित दृष्टिकोण रखता है वह स्त्री एवं पुरुष की सोच से ऊपर उठकर विचार रखता है कि समाज का विकास कैसे हो क्योंकि केवल एक वर्ग का विकास समाज के विकास का द्योतक नहीं होता। राष्ट्र का विकास सभी वर्गों को साथ लेकर चलने तथा समावेशी विकास का मार्ग प्रशस्त करने में निहित होता है। और इस समावेश में समाज का दूसरा स्तम्भ अर्थात् स्त्रियों के विकास की बात अग्रणी रूप से रखी जाती रही है क्योंकि समाज रूपी भवन को खड़ा करने में स्त्री तथा पुरुष दो स्तम्भ मजबूती के साथ खड़े रहते हैं।प्रस्तुत पत्र में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के उन विचारों पर प्रकाश डालने का प्रयास किया गया है जिनसे न केवल उनकी समाज को आगे बढ़ाने की विचारधारा प्रकट होती है अपितु स्त्रियों को विशेष रूप से विकास की धारा में सम्मिलित करने पर जोर देने की बात भी उनके द्वारा सदैव कही जाती रही है।
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Pages:52-56
How to cite this article:
डा. सविता राय "डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर एवं स्त्री सशक्तीकरण". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 11, Issue 2, 2026, Pages 52-56
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