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VOL. 4, ISSUE 4 (2019)
प्रत्येक पुस्तक को उसका प्रेमी मिले
Authors
जगन्नाथ प्रसाद
Abstract
पुस्तकालय विज्ञान में यह तर्क इस बात पर बल देता है कि प्रत्येक पुस्तक को पढने वाला पाठक मिलना चाहिए लेकिन यह जरूरी नही है कि प्रत्येक पुस्तक पाठक को पसंद आ जाए और वह उसे पढ़ ले। पाठक वही पुस्तक को रूचि और तल्लीनता के साथ पढेगा जो उसे पसंद है अर्थात जिससे पाठक को लगाव/प्यार है। इस प्रकार से पाठक अपनी पसंद की पुस्तक पढ़कर उस विशिष्ट विषय के क्षेत्र में नया विचार, नई सोंच एवं नया मुकाम प्राप्त कर सकेगा। जिससे विशिष्ट विषय के क्षेत्र में एक नया बदलाव देखने को मिलेगा, जोे सामाज निर्माण में सहायक एवं राष्ट्र के लिए हितकारी होगा। ऐसा तभी संभव है जब प्रत्येक पुस्तक को प्यार करनेवाला मिलेगा, पुस्तक का अनुकरण एवं पालन करनेवाला मिलेगा तथा उसके विचारों को अपनानेवाला मिलेगाा।
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Pages:29-31
How to cite this article:
जगन्नाथ प्रसाद "प्रत्येक पुस्तक को उसका प्रेमी मिले". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 4, Issue 4, 2019, Pages 29-31
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