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VOL. 9, ISSUE 3 (2024)
मल्होर गीतों का लोक सांस्कृतिक मूल्यांकन
Authors
महासिंह पूनिया
Abstract
हरियाणा सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध प्रदेश है। यहां की सांस्कृतिक परम्पराएं अतीत के इतिहास एवं परम्पराओं को समेटे हुए है। हरियाणवी लोकजीवन में किसान कुआं खोदते समय, कोल्हू चलाते समय, पानी देते समय जिन गीतों का गायन करते थे, उन्हें मल्होर गीत कहा जाता है। इनमें मनोरंजनात्मकता तथा प्रश्नात्मकता की बहुलता देखने को मिलती है। मल्होर गीत गाने की परंपरा किसानी संस्कृति में अत्यंत प्राचीन है। मल्होर हरियाणवीं संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है जिस जमाने में लोगों के पास मनोरंजन के साधन नहीं होते थे, उस समय व्यक्ति परस्पर मल्होर गीत गाकर अपनी बौद्धिकता, परखरता एवं मनोरंजनात्मकता का साक्षात् परिचय देते थे। मल्होर गीत विशेषकर पुरुषों द्वारा गाए जाते थे।
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Pages:37-40
How to cite this article:
महासिंह पूनिया "मल्होर गीतों का लोक सांस्कृतिक मूल्यांकन". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 9, Issue 3, 2024, Pages 37-40
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