Logo
National Journal of
Multidisciplinary
Research and Development

Search

ARCHIVES
VOL. 10, ISSUE 1 (2025)
अंतःकरण की गहनताः तत्वों और कार्यों की समझ
Authors
डॉ. आशुतोष कुमार
Abstract
सांख्य योग में पुरुष और प्रकृति के संयोग से जिस पहले तत्व का निर्माण होता है उसे महतत्व या महत कहा जाता है। महत से क्रमशः अहंकार और फिर उससे त्रिगुणमयी शक्ति से आबद्ध होकर मन सहित दस इन्द्रियों, बुद्धि, पञ्च तन्मात्राओं और पञ्च महाभूतों की उत्पत्ति हुई, जो शरीर का कारण बना। कोई महापुरुष महतत्व को चित्त बताते हैं तो कोई बुद्धि बताता है, कोई इसे महानतत्व। इस शोधपत्र में, शरीर, उसके प्रकार, अंतःकरण चतुष्ट्य (मन, बुद्धि, चित्त और अहंकार), उनके लक्षण और वृतियों को समझने की कोशिश की गयी है। साथ ही साथ महतत्व की भी विवेचना की गयी है। आशा है कि साधारण जन मानस को इसे सही और आसान शब्दों में समझने में सहायता प्राप्त होगी।
Download
Pages:5-8
How to cite this article:
डॉ. आशुतोष कुमार "अंतःकरण की गहनताः तत्वों और कार्यों की समझ". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 10, Issue 1, 2025, Pages 5-8
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.