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VOL. 11, ISSUE 1 (2026)
विज्ञान शिक्षा में विद्यार्थियों की चिंता कम करने एवं अवधारण क्षमता बढ़ाने में कला-समेकित शिक्षा की भूमिका
Authors
कु. प्रीति, प्रोफेसर अरुण कुमार कुलश्रेष्ठ
Abstract
वर्तमान शैक्षिक क्षेत्र में विज्ञान को अक्सर एक कठिन और तनावपूर्ण विषय के रूप में देखा जाता है, जिससे छात्रों में श्वैज्ञानिक चिंताश् उत्पन्न होती है। शोध का मुख्य उद्देश्य यह है कि किस प्रकार दृश्य और प्रदर्शन कला अमूर्त वैज्ञानिक अवधारणाओं को मूर्त रूप देकर छात्रों की समझ और प्रतिधारण क्षमता को बढ़ाती हैं। प्रस्तुत शोध पत्र यह भी विश्लेषण करता है कि कला समेकित शिक्षा विज्ञान के अमूर्त सिद्धांतों को कैसे सरल और सुलभ बनाकर इस चिंता को कम करती है। यह अध्ययन संज्ञानात्मक और भावनात्मक पहलुओं पर आधारित है। शोध के सैद्धांतिक निष्कर्ष दर्शाते हैं कि जब विज्ञान को दृश्य कला, संगीत या नाटक के साथ जोड़ा जाता है, तो छात्रों की अवधारण क्षमता में सुधार होता है और सीखी गई जानकारी दीर्घकालिक स्मृति का हिस्सा बनती है। अंततः, यह पद्धति रटने की प्रवृत्ति को समाप्त कर छात्रों में एक स्थायी वैज्ञानिक रुचि विकसित करने में सहायक सिद्ध होती है।
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Pages:106-107
How to cite this article:
कु. प्रीति, प्रोफेसर अरुण कुमार कुलश्रेष्ठ "विज्ञान शिक्षा में विद्यार्थियों की चिंता कम करने एवं अवधारण क्षमता बढ़ाने में कला-समेकित शिक्षा की भूमिका". National Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 11, Issue 1, 2026, Pages 106-107
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